वे
आत्मनिर्भरता की
बात करते करते
मर गए
अंत में उन्हें
चार व्यक्ति
उठाकर

ले गए

प्रसिद्ध व्यंग्यकार श्री हरी जोशी के साथ


साहित्यकार श्री ध्रुव शुक्ल के साथ